Britain Queen Elizabeth II Death : महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने ली अंतिम सांस, स्वास्थ्य चल रहा था खराब, दर्ज़ था उनके नाम ये काबिले तारीफ वाला रिकॉर्ड,

Britain Queen Elizabeth II Death – ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का गुरुवार को निधन हो गया। 96 साल की उम्र में स्कॉटलैंड में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। वह बीते 70 सालों से ब्रिटेन की राजगद्दी पर काबिज थीं। ब्रिटेन की राजगद्दी पर सबसे ज्यादा समय तक काबिज रहने का रिकार्ड भी उनके नाम पर है। 1952 में जब ब्रिटेन के राजा किंग जॉर्ज षष्ठम की मौत हुई थी उसके बाद एलिजाबेथ द्वितीय ने दुनिया के सबसे मजबूत और चर्चित राजघराने की बागडोर संभाली थी। जून 2022 में क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के शासनकाल के 70 साल पूरे हुए थे। आइए नजर डालें उनकी जीवन यात्रा पर…

ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का जन्म 21 अप्रैल 1926 को हुआ था। उनका पूरा नाम एलिजाबेथ एलेक्जेंडरा मैरी विंडसर है। किंग जार्ज पंचम के बाद क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय के पिता किंग जॉर्ज षष्ठम राजा बने। उनकी पढाई घर में ही हुई। एलिज़ाबेथ को निजी रूप से पर घर पर शिक्षित किया गया था। क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की जीवनी के मुताबिक, उनका बचपन से उन्हें जानवरों से मोह था, विशेषकर घोड़ों और कुत्तों से। उनका ये प्रेम अभी भी बरकरार था।

पिता की मौत के बाद बनी महारानी

राजकुमारी एलिजाबेथ पहली बार राजकुमार फिलिप से 1934 में पहली बार मिली थी। उस समय वह मात्र 13 वर्ष की थीं। फ़िलिप एक ग्रीक राजकुमार थे, जिनके परिवार को 1922 में देश से तब निकाल दिया गया था जब वह शिशु ही थे। इसके बाद क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का विवाह 1947 में प्रिंस फिलिप से हुआ था। उनकी शादी के मौके पर ब्रिटेन में जमकर जश्न मनाया गया था। शादी के बाद प्रिंस फिलिप ब्रिटिश राजघराने में कामकाज संभालने लगे। शादी के बाद जब 1952 में एलिजाबेथ और उनके पति प्रिंस फिलिप केन्या के दौरे पर थे तब उनके पिता किंग जॉर्ज छह की फरवरी में मौत हो गई। पिता की मौत की खबर पाकर वह आधे दौरे को अधूरा छोड़कर ब्रिटेन वापस आ गईं।

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पिता की मौत के समय क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय की उम्र मात्र 25 साल थी। जिस दिन उनके पिता की मौत हुई थी उसी दिन यानी 6 फरवरी 1952 को एलिजाबेथ द्वितीय ब्रिटेन की महारानी नियुक्त हुईं। बाद में दो जून 1953 को उनका औपचारिक रूप से राज्याभिषेक किया गया था। तब से लेकर अब तक वे ब्रिटेन की महारानी के रूप में सत्ता पर काबिज थीं। अभी तक उनके शासनकाल में 15 प्रधानमंत्रियों ने उनके साथ काम किया है।

एलिजाबेथ द्वितीय यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैण्ड, जमैका, बारबाडोस, बहामास, ग्रेनेडा, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन द्वीपसमूह, तुवालू, संत लूसिया, संत विन्सेण्ट और ग्रेनाडाइन्स, बेलीज, अंटीगुआ, बारबूडा, संत किट्स और नेविस की महारानी थीं। इसके अलावा वह राष्ट्रमंडल के 54 राष्ट्रों और राज्यक्षेत्रों की प्रमुख भी थीं। ब्रिटिश साम्राज्ञी के रूप में वह अंग्रेजी चर्च की सर्वोच्च राज्यपाल और राष्ट्रमंडल के सोलह स्वतंत्र सम्प्रभु देशों की संवैधानिक महारानी थीं।

पिछले साल अक्तूबर से स्वास्थ्य समस्याओं जूझ रहीं थीं

गौरतलब है कि इस समय महारानी एलिजाबेथ कहीं आने-जाने में असमर्थ थीं। इसलिए वे अपनी मुलाकातें लंदन के बकिंघम पैलेस की बजाय स्कॉटलैंड के बाल्मोरल कैसल में कर रही थीं। महारानी एलिजाबेथ पिछले साल अक्तूबर से स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रही थीं। इस साल की शुरुआत में महारानी एलिजाबेथ ने अपने शासन की 70 वीं वर्षगांठ मनाई थी

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