किसानो को कम लागत में लाखो रूपये का मुनाफा करायेगी तरबूज की खेती, जाने इसकी पूरी जानकरी

किसानो को कम लागत में लाखो रूपये का मुनाफा करायेगी तरबूज की खेती, जाने इसकी पूरी जानकरी । कम पानी, कम खाद और कम लागत में उगाए जाने वाले तरबूज की बाजार में अच्छी मांग होती है, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा मिलता है। आइए विस्तार से जानते है इस खेती के बारे में.

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इन राज्यों में होती है तरबूज की खेती

आपकी जानकारी के लिए बता दे की इसकी खेती उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान राज्य में मुख्य रूप में की जाती है।

तरबूज की खेती करने का सही समय

आमतौर पर देखा जाये तो तरबूज की खेती दिसंबर से लेकर मार्च तक की जा सकती है। लेकिन तरबूज की बुवाई का उचित समय मध्य फरवरी माना जाता है। वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में मार्च-अप्रैल के महीनों में इसकी खेती कर सकते है।

तरबूज की खेती: तापमान और मिट्टी

जलवायु:

  • तरबूज गर्म जलवायु वाला फल है।
  • इसकी खेती के लिए 25-35 डिग्री सेल्सियस तापमान सबसे अच्छा होता है।
  • 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान फल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
  • फल के विकास के लिए दिन में गर्म और रात में ठंडा तापमान अनुकूल होता है।
  • कम तापमान (10 डिग्री सेल्सियस से कम) फल के विकास को रोक सकता है।

मिट्टी:

  • तरबूज की खेती के लिए रेतीली और रेतीली दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है।
  • मिट्टी में जल निकासी का अच्छा होना आवश्यक है।
  • मिट्टी का पीएच मान 5.5-7.0 के बीच होना चाहिए।
  • इसकी खेती अनुपजाऊ या बंजर भूमि में भी की जा सकती है।

तरबूज की खेती के लिए खेत की तैयारी

आपकी जानकारी के लिए बता दे की इसकी खेती करने के लिए खेत की पहली जुताई मिट्टी पलटने वाले हल से करनी चाहिए। इसके बाद देसी हल या कल्टीवेटर से जुताई कर सकते है। इस बात का ध्यान रखे कि खेत में पानी की मात्रा कम या ज्यादा नहीं होना चाहिए। अब भूमि में गोबर की खाद को अच्छी तरह मिला दिजिये। यदि रेत की मात्रा अधिक है, तो ऊपरी सतह को हटाकर नीचे की मिट्टी में खाद मिला ले।

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तरबूज की खेती के लिए बुवाई का सही तरीका

आपकी जानकारी के लिए बता दे की मैदानी क्षेत्रों में इसकी बुवाई समतल भूमि में या डौलियों पर की जाती है, लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में बुवाई कुछ ऊंची उठी क्यारियों में की जाती है। क्यारियां 2.50 मीटर चौड़ी बना ले। उसके दोनों किनारों पर 1.5 सेमी. गहराई पर 3-4 बीज बो दिए जाते है। और वर्गाकार प्रणाली में 4 गुणा 1 मीटर की दूरी रखी जाती है पंक्ति और पौधों की आपसी दूरी तरबूज की किस्मों पर निर्भर करता है।

तरबूज की खेती से मुनाफा

आपकी जानकारी के लिए बता दे की मार्केट में तरबूज का 10000 रुपए प्रति क्विंटल बिक जाते है। तो यदि आपने एक एकड़ में 250-300 क्विंटल के लगभग तरबूज तैयार हो जाते है। और इसमें लागत 16500 रुपए आती है। इस तरह आप तरबूज की खेती कर लाखो का मुनाफा कमा सकते है।

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