गर्मियों के सीजन में खीरे की खेती कर बन सकते हो धन्ना सेठ, जाने खेती करने का आसान तरीका

Kheera ki Kheti: गर्मियों के सीजन में खीरे की खेती कर बन सकते हो धन्ना सेठ, जाने खेती करने का आसान तरीका। जैसा की आप सभी जानते ही होंगे की गर्मियों का सीजन शुरू हो गया है ऐसे में सब्जियां काफी महंगी होने लगती है ऐसे में किसान भाई जिस सब्जी की मार्केट में डिमांड रहती है उसकी खेती करते है तो काफी तगड़ा मुनाफा कमा सकते है इसीलिए आज के इस आर्टिकल में हम किसान भाइयो के लिए गर्मियों में तगड़ा मुनाफा कमाने वाली सब्जी की खेती के बारे में बताने जा रहे है आईये जाने पूरी जानकरी…

यह भी पढ़े- TVS Apache की हवा टाइट कर देंगा Bajaj Pulsar का किलर लुक, दमदार इंजन के साथ झक्कास फीचर्स

गर्मियों में खीरे की खेती बना देंगी धन्ना सेठ

किसान भाइयो जैसा की आप जानते ही होंगे की गर्मियों में शादी ब्याह का सीजन शुरू हो जाता है जिसमे खूब खाना बनता है और जिसमे सब्जिया भी खूब लगती है ऐसे में क्या आप जानते है की किसी सब्जी की मांग हो ना हो पर खीरे की मांग हमेशा बनी रहती है इसकी खास वजह यह है की शादी पार्टी में सलाद खूब बनाया जाता है जिसमे खीरे अवश्य लगते है इसीलिए किसान भाई अगर गर्मी में खीरे की खेती करते है तो खीरे बेच कर तगड़ा मुनाफा कमा सकते है।

खीरे की खेती के लिए बेहतर मिट्टी और उन्नत किस्में

किसान भाइयो हम आपकी जानकरी के लिए आपको बता दे की खीरे की खेती के किसी भी मिट्टी में की जा सकती है, पर इसकी सफलतापूर्वक खेती के लिए बलुई दोमट तथा मटासी मृदा बेहतर मानी जाती है और वही बात की जाए खीरे की उन्नत किस्मो की तो इसमें उन्नत किस्मों में पूसा संयोग, पाइनसेट, खीरा-90, टेस्टी, मालव-243, गरिमा सुपर, ग्रीन लॉंग, सदोना, एन.सी.एच.-2, रागिनी, संगिनी, मंदाकिनी, मनाली, य.एस.-6125, यू.एस.-6125, यू.एस.-249 जैसी किस्मे शामिल है।

खीरे की बुवाई का समय

किसान भाइयो जानकारी के मुताबिक़ हम आपको बता दे की खीरे की बुवाई का समय विशेष स्थान और जलवायु पर निर्भर करता है और शीत रूपी फसल के लिए, बीज बोने का समय फरवरी के मध्य से मार्च के पहले सप्ताह तक बेहतर होता है।

खीरे की सींचाई का समय

किसान भाइयो हम आपको जानकारी के मुताबिक़ बता दे की खीरे की सींचाई समय समय पर काफी ध्यान पूर्वक करनी चाहिए फसल में फूल आने के बाद हर पांच दिन के अन्तर पर सिंचाई अवश्य करे वहीं, जिन क्षेत्रों में सिंचाई के लिए पानी की कमी है, वहां ड्रिप इरिगेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है, इससे खेत में पर्याप्त नमी बनी रहती है, साथ ही सिंचाई जल की आवश्यकता भी कम होती है।

यह भी पढ़े- हवा में घूमते घूमते खचाखच फोटू खीचेगा Vivo का धांसू स्मार्टफोन, टकाटक फीचर्स और 200mp कैमरा क्वालिटी देख लड़किया होगी मदहोश

खीरे की कटाई का समय और पैदावार

किसान भाइयो हम आपकी जानकारी के मुताबिक़ आपको बता दे की खीरे की फसल की अवधि 45 से 75 दिनों होती है, जिससे प्रति हेक्टेयर लगभग 100 से 150 क्विंटल उत्पादन किया जा सकता है और इसे बेच कर किसान बम्फर मुनाफा कमा सकता है।

talksdewas@gmail.com

Leave a Comment