Make in India 2026 : भारत ने भरी उचि उड़ान ,Airbus C-295 की लेटेस्ट अपडेट्स

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Make in India 2026

Make in India 2026 : भारत को एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब (Global Manufacturing Hub) बनाने के लिए शुरू की गई ‘मेक इन इंडिया’ (Make in India) पहल आज एक नए मुकाम पर पहुंच चुकी है। साल 2026 तक आते-आते डिफेंस से लेकर सेमीकंडक्टर तक, हर बड़े सेक्टर में भारत ने ऐसी कामयाबी हासिल की है जो हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगी।

एविएशन और डिफेंस में भारत की ऊंची उड़ान

डिफेंस सेक्टर में भारत अब सिर्फ खरीदार (Importer) नहीं, बल्कि एक बड़ा निर्यातक (Exporter) बनकर उभरा है। इस सेक्टर से तीन सबसे बड़ी खबरें सामने आई हैं:

  • Airbus C-295 का सफल टेस्ट फ्लाइट: भारत में प्राइवेट सेक्टर द्वारा बनाया जा रहा पहला मिलिट्री एयरक्राफ्ट Airbus C-295 ने वडोदरा (गुजरात) में अपनी पहली टेस्ट फ्लाइट सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसे Airbus और Tata Advanced Systems मिलकर बना रहे हैं। यह देश के एविएशन सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है।
  • रिकॉर्ड तोड़ डिफेंस एक्सपोर्ट: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मुताबिक, हालिया वित्त वर्ष (FY26) में भारत का डिफेंस एक्सपोर्ट रिकॉर्ड ₹38,424 करोड़ तक पहुंच गया है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 62% से ज्यादा की शानदार ग्रोथ देखी गई है।
  • स्वदेशी हथियारों का जलवा: भारतीय सेना के लिए देश में ही बने ‘वायु अस्त्र-1’ (Vayu Astra-1) और ओडिशा के तट पर लंबी दूरी के रॉकेट सिस्टम ‘सूर्यास्त्र’ (Suryastra) का सफल परीक्षण किया गया है, जो हमारी सेना की ताकत को दोगुना करेंगे।

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सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स में आत्मनिर्भर भारत Make in India 2026

टेक और इलेक्ट्रॉनिक्स के मामले में भारत अब किसी दूसरे देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता। सेमीकंडक्टर सेक्टर को लेकर एक नया और बड़ा अनुमान सामने आया है:

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Meity) की रिपोर्ट के अनुसार, साल 2035 तक भारत में सेमीकंडक्टर की मांग बढ़कर $206 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। इस मांग को देखते हुए सरकार का लक्ष्य है कि देश की आधी से ज्यादा सेमीकंडक्टर जरूरतों को घरेलू प्लांट्स (Domestic Plants) से ही पूरा किया जाए, जिसके लिए नए फैब्रिकेशन यूनिट्स पर तेजी से काम चल रहा है।

क्या आप जानते हैं?

वैश्विक ब्रांड्स जैसे SharkNinja (अमेरिकी होम अप्लायंस निर्माता) और BenQ (मशहूर डिस्प्ले ब्रांड) ने अब भारत के लोकल मार्केट पर पूरा फोकस कर दिया है और मेक इन इंडिया के तहत यहाँ अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

ग्रीन एनर्जी: सोलर सेक्टर में नया सरकारी नियम Make in India 2026

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सरकार ने सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय निर्माताओं (Local Manufacturers) को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।

नए नियमों के मुताबिक, अब देश में जितने भी घरेलू (Domestic), कमर्शियल और इंडस्ट्रियल सोलर प्रोजेक्ट्स लगाए जाएंगे, उनमें सिर्फ और सिर्फ भारत में बने (Locally Manufactured) सोलर सेल्स का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस फैसले का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सोलर मॉड्यूल के लिए चीन जैसे देशों पर हमारी निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाएगी।

ग्लोबल टेक्सटाइल हब बनता भारत

कपड़ा उद्योग (Textile Sector) में भी भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। मेक इन इंडिया पहल की वजह से भारत का टेक्सटाइल एक्सपोर्ट $34 बिलियन को पार कर चुका है। सरकार ने इस सेक्टर के लिए एक बहुत बड़ा टारगेट सेट किया है, जिसके मुताबिक 2030 तक भारत के टेक्सटाइल सेक्टर को $350 बिलियन की इकोनॉमी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

निष्कर्ष

‘मेक इन इंडिया’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि अब जमीन पर सच होता दिख रहा है। टाटा-एयरबस का विमान हो या फिर स्वदेशी सोलर सेल्स, भारत हर फील्ड में आत्मनिर्भर बन रहा है। इससे न सिर्फ देश में रोजगार (Employment) के नए मौके पैदा हो रहे हैं, बल्कि ग्लोबल मार्केट में ‘Made in India’ का भरोसा भी मजबूत हो रहा है।

आपको क्या लगता है, क्या भारत अगले कुछ सालों में मैन्युफैक्चरिंग के मामले में चीन को पीछे छोड़ पाएगा? कमेंट सेक्शन में अपनी राय ज़रूर बताएं! Make in India 2026

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